डा प्रणय तिवारी : अपराध शास्त्री एवं चिकित्सक उबलते हुए पानी मे अपना प्रतिबिंब नहीं दिखाई देता

डा प्रणय तिवारी : अपराध शास्त्री एवं चिकित्सक
उबलते हुए पानी मे अपना प्रतिबिंब नहीं दिखाई देता, दौड़ते हुए भोजन भी नही किया ज़ा सकता ,इसी प्रकार से खौलता हुआ मस्तिष्क भी निर्णय नही ले सकता, केवल और केवल चुनौती दे सकता है।
आओ हो जाए दो दो हाथ

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