मानवाधिकार मीडिया फाउंडेशन के सोनभद्र जिला अध्यक्ष बने राजेंद्र प्रसाद अग्रहरी

मानवाधिकार मीडिया फाउंडेशन के सोनभद्र जिला अध्यक्ष बने राजेंद्र प्रसाद अग्रहरी

मध्य प्रदेश जिला सिंगरौली पूरे देश में मानवाधिकार मीडिया फाउंडेशन की सदस्यता का क्रम जारी है वहीं देश के सभी प्रदेशों से लोग इस संगठन में जुड़कर देश में समाज सेवा का काम करने की भावना से फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज मोहन सिंह जी के नेतृत्व में विभिन्न पदों पर अपनी नियुक्ति करा रहे हैं जिसको लेकर मानवाधिकार मीडिया के डिप्टी ब्यूरो चिफ राजेंद्र प्रसाद अग्रहरि जो कई वर्षों से मीडिया चैनल में काम कर रहे हैं। वह संगठन के कार्यों को देखते हुए MM फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष के पद पर नियुक्त हुए हैं! मानवाधिकार मीडिया फाउंडेशन व सामाजिक संगठन का कार्य सक्रिय हस्तक्षेप के माध्यम से लोगों और उनके सामाजिक माहौल के बीच अन्तःक्रिया प्रोत्साहित करके व्यक्तियों की क्षमताओं को बेहतर करना ताकि वे अपनी ज़िंदगी की ज़रूरतें पूरी करते हुए अपनी तकलीफ़ों को कम कर सकें। इस प्रक्रिया में समाज-कार्य लोगों की आकांक्षाओं की पूर्ति करने और उन्हें अपने ही मूल्यों की कसौटी पर खरे उतरने में सहायक होता है।बच्चों के सामने दाँतों की सही सफाई और देखरेख का प्रदर्शन, एक सैनिक को सलाह देते हुए एक सैन्य सामाजिक कार्यकर्ता
‘समाजसेवा’वैयक्तिक आधार पर, समूह अथवा समुदाय में व्यक्तियों की सहायता करने की एक प्रक्रिया है, जिससे व्यक्ति अपनी सहायता स्वयं कर सके। इसके माध्यम से सेवार्थी वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों में उत्पन्न अपनी समस्याओं को स्वयं सुलझाने में सक्षम होता है. समाजसेवा अन्य सभी व्यवसायों से सर्वथा भिन्न होती है, क्योंकि समाज सेवा उन सभी सामाजिक, आर्थिक एवं मनोवैज्ञानिक कारकों का निरूपण कर उसके परिप्रेक्ष्य में क्रियान्वित होती है, जो व्यक्ति एवं उसके पर्यावरण-परिवार, समुदाय तथा समाज को प्रभावित करते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता पर्यावरण की सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक शक्तियों के बाद व्यक्तिगत जैविकीय, भावात्मक तथा मनोवैज्ञानिक तत्वों को गतिशील अंत:क्रिया को दृष्टिगत कर ही सेवार्थी की सेवा प्रदान करता है। वह सेवार्थी के जीवन के प्रत्येक पहलू तथा उसके पर्यावरण में क्रियाशील, प्रत्येक सामाजिक स्थिति से अवगत रहता है क्योंकि सेवा प्रदान करने की योजना बताते समय वह इनकी उपेक्षा नहीं कर सकता, समाज-कार्य का अधिकांश ज्ञान समाजशास्त्रीय सिद्धांतों से लिया गया है, लेकिन समाजशास्त्र जहाँ मानव-समाज और मानव-संबंधों के सैद्धांतिक पक्ष का अध्ययन करता है, वहीं समाज-कार्य इन संबंधों में आने वाले अंतरों एवं सामाजिक परिवर्तन के कारणों की खोज क्षेत्रीय स्तर पर करने के साथ-साथ व्यक्ति के मनो सामाजिक पक्ष का भी अध्ययन करता है। समाज-कार्य करने वाले कर्त्ता का आचरण विद्वान की तरह न होकर समस्याओं में हस्तक्षेप के ज़रिये व्यक्तियों, परिवारों, छोटे समूहों या समुदायों के साथ संबंध स्थापित करने की तरफ़ उन्मुख होता है। इसके लिए समाज-कार्य का अनुशासन पूर्ण रूप से प्रशिक्षित और पेशेवर कार्यकर्ताओं पर भरोसा करता है।_

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