..तो 9 अक्टूबर के बाद लग सकती है चुनाव आचार संहिता?, बढ़ रही बेचैनी

..तो 9 अक्टूबर के बाद लग सकती है चुनाव आचार संहिता?, बढ़ रही बेचैनी

भोपाल। मध्यप्रदेश में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद विधानसभा चुनाव की आचार संहिता कभी भी घोषित हो सकती है। 2013 में चार अक्टूबर को आदर्श आचार संहिता प्रभावी हुई थी। इसके आधार पर अनुमान लगाया जा रहा था कि शुक्रवार पांच अक्टूबर को चुनाव की घोषणा हो सकती है, पर इस तरह के कोई संकेत मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय और मंत्रालय के अफसरों को नहीं मिले। इस कारण बैचेनी बढ़ती जा रही है।
उधर, सागर कमिश्नर मनोहर दुबे के सरकारी टि्वटर हैंडल से आगामी माह में चुनाव की बात कही गई। इसको लेकर कांग्रेस के आरटीआई प्रकोष्ठ के अध्यक्ष ने चुनाव आयोग को शिकायत भी कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक तेलंगाना में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन नौ अक्टूबर को होने जा रहा है। मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मिजोरम के साथ तेलंगाना विधानसभा के भी चुनाव कराए जा सकते हैं। इसे देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि आचार संहिता नौ अक्टूबर के बाद ही लागू होगी। वहीं, यह भी कहा जा रहा है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओपी रावत मनीला दौरे पर जा रहे हैं। वे 12 अक्टूबर को वापस लौटेंगे, इसलिए इसके बाद चुनाव की तारीखों की घोषणा होगी।
चुनाव की तारीखों की घोषणा को लेकर संकेत नहीं मिलने से अधिकारियों में बैचेनी है। दरअसल, अधिकारी-कर्मचारी अब आराम के मूड में आ गए हैं, इसलिए फाइलों का मूवमेंट भी कम हो गया है। बाहर से आने वाले नेता और कर्मचारियों की संख्या भी तेजी से घटी है।
उधर, सागर कमिश्नर मनोहर दुबे के सरकारी टि्वटर हैेंडल से दो अक्टूबर को हुआ ट्वीट दिनभर चर्चा में रहा। इसमें कहा गया कि विधानसभा निर्वाचन 2018 शपथ ग्रहण समारोह चार अक्टूबर को और विधानसभा निर्वाचन 2018 आगामी माह में संपन्न् किया जाएगा। इसको लेकर कांग्रेस के आरटीआई प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अजय दुबे ने चुनाव आयोग को शिकायत की है।
दुबे ने बताया कि चुनाव की घोषणा आयोग ने नहीं की है और अधिकारी बता रहे हैं कि विधानसभा चुनाव 2018 आगामी माह में संपन्न् किया जाएगा। वहीं, सागर कमिश्नर मनोहर दुबे ने बताया कि चार अक्टूबर को पूरे संभाग में दस लाख मतदाताओं को शपथ दिलाने का कार्यक्रम है। मतदाता जागरूकता के लिए तय गतिविधि के तहत यह किया जा रहा है।
आयोग की तैयारियां अंतिम दौर में, 15 दिन के भीतर कभी भी लग सकती है चुंनाव आचार संहिता

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