*लोकनायक जयप्रकाश व मुंशी प्रेमचंद को दी गई भावभिनि श्रद्धांजलि*

*लोकनायक जयप्रकाश व मुंशी प्रेमचंद को दी गई भावभिनि श्रद्धांजलि*

*बिहार चकिया/पू0च0:* जदयू नगर निकाय प्रकोष्ट की ओर से लोकनायक जयप्रकाश नारायण और मुंशी प्रेमचंद्र की पुण्यतिथि मनाई गई। पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सभी ने श्रद्धांजलि के साथ पुण्यतिथि मनाई। इस अवसर पर प्रकोष्ट के जिला अध्यक्ष कौसर राजा ने कहा कि आज का दिन इतिहास में दो महान विभूतियों के पुण्यतिथि के तौर पर दर्ज है। 1936 में हिंदी कथा-साहित्य को तिलस्मी कहानियों के झुरमुट से निकालकर जीवन के यथार्थ की ओर मोड़कर ले जाने वाले कथाकार मुंशी प्रेमचंद की मृत्यु आज ही के दिन हुई थी। वही 1979 में लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। मुंशी प्रेमचंद जी न सिर्फ भारत बल्कि दुनियाभर के मशहूर और सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले रचनाकारों में से एक हैं। प्रेमचंद की कहानियों के किरदार आम आदमी है। उनकी कहानियों में आम आदमी की समस्याओं और जीवन के उतार-चढ़ाव को दिखाया गया है। तो दूसरी ओर आजाद भारत में अगर लोगों को उद्वेलित करने की क्षमता किसी में थी तो वह लोकनायक जय प्रकाश नारायण (जेपी) थे। 1940 के बाद से जीवन के अंत तक अलग-अलग मौके पर आंदोलनों व मुहिम में जेपी केंद्रीय भूमिका में रहे। लेकिन जब सब कुछ शांत सा लगता था। 1970 के बाद जनता में सत्ता के प्रति जो विक्षोभ पैदा हुआ। फिर जेपी आगे आये और छात्र आंदोलन का नेतृत्व किया। देश की जनता के उत्थान के लिए समर्पित जेपी ने हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों को मान दिया। आजादी के बाद वे बड़े पद हासिल कर सकते थे। उन्होंने गांधीवादी आदर्शों के अनुरूप जीना पसंद किया। लेकिन जब उन्हें लगा कि सत्ता निरंकुशता और भ्रष्टाचार से ग्रस्त हो रही है तो उन्होंने एक नई आजादी का बिगुल फूंक दिया। मौके पर ओमप्रकाश गुप्ता, प्रभु नारायण सिंह, डाॅ0 आसिफ हुसैन, विनय कुशवाहा, संजय मोदी, कृष्णानंदन कुशवाहा, अनिल कुमार, आलम आजाद, दिलीप कुमार, आलोक रंजन, वसी अहमद आदि मौजूद थे।

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