पत्रकार एकता तभी काम आएगी जब आप चेहरा देख तिलक लगाना छोड़ , निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता करेगें

राहुल सिंह गहरवार संस्थापक $ मैनेजिंग डायरेक्ट सीधी

आज लगभग पूरे देश में निर्भीक निष्पक्ष पत्रकार, सुरक्षित कहीं नहीं है, हर जगह कहीं ना कहीं उन्हें डराया जाता है, धमकाया जाता है, झूठे मामले में फंसाया जाता है, या फिर उसकी हत्या कर दी जाती है. क्यों इन अपराधियों को, कहां से इतनी हिम्मत मिल जाती है, कि ये खुलेआम किसी पत्रकार की हत्या तक कर देते हैं,
आखिर क्यों, कहीं ना कहीं पत्रकारों की एकता या उनके संगठनों में कमजोरी है, जो इतनी मजबूती से उन भ्रष्ट नेताओं व अधिकारियों या माफियाओं का खुलासाकर उनको जनता के सामने बेनकाब नहीं कर देते हैं, कहीं ना कहीं पत्रकारों पर हमले की मुख्य वजह, उन्हीं के अपने साथियों का गद्दारी करना होता है.
यदि पत्रकार चाहे वो ग्रामीण हो, या शहरी, उसके साथ कोई भी अभद्रता करे, तो सभी पत्रकारों को निजी स्वार्थ ना देखते हुये, उस पत्रकार के समर्थन में खडे हो जाना चाहिये, पर अब गुटबाजी ज्यादा हो गई है, पत्रकार आपस में ही बंट गये हैं तो जाहिर सी बात है, वे कहीं ना कहीं कमजोर हो गये हैं,
*जिनका फायदा ये भ्रष्ट नेता, अधिकारी व माफिया उठा रहे हैं* पत्रकारिता के क्षेत्र में भी जमे हुये द्रोहीयों को पहचानें, जो अपने क्षेत्र के लोगो का साथ ना देकर, उन माफियाओं के संरक्षण में बैठे हुये हैं. जो निष्पक्ष निर्भीक पत्रकारों को ही अपना निशाना बना रहे हैं.

पत्रकार एकता तभी काम आएगी..

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