डाउनलाइन समझे मैं होशियार और अपलाइन समझे मैं होशियार।।

डाउनलाइन समझे मैं होशियार और अपलाइन समझे मैं होशियार।।

मेरी मानो तो इस झंझट से बाहर आ जाओ।। वरना ना तो कुछ सीख पाओगे और ना ही कुछ हासिल हो पायेगा।।

अपलाइन का मतलब गुरु नही साथी है।।

यहाँ गुरु चेला वाली कोई स्थिति नही है।। आपके पास भी उतने ही अधिकार हैं जितना अपलाइन के पास।।

बहुत सी जगहों पर देखा गया है कि एक कम अनुभवी व्यक्ति की डाउनलाइन में कुछ ज्यादा अनुभवी लोग शामिल हो जाते हैं।।

ऐसे में दोनों में तालमेल बिठाना बड़ा ही टेढ़ी खीर साबित होता है।।

अब या तो दोनों आपस में उलझेंगे और हर बात पर टकराव होगा।। नतीजा या तो आपस की बोलचाल बन्द या फिर कंपनी छोड़ देने पर नौबत आ जायेगी।।

आज डाउनलाइन को नेटवर्क व्यवसाय में लाइफलाइन माना जाता है।।

ऐसे में डाउनलाइन भी अपलाइन को हर बात का एहसान जताने में कोई कमी नही छोड़ती।।

कोई कहता है कि अपलाइन मेरी वजह से सांस ले रहा है या अपलाइन कहे कि तेरी डोर मेरे हाथ में।।

पता नही ये लोग व्यापार कर रहे है या किसी राज्य के राजा अपनी सल्तनत का रौब दिखा रहे हैं।।

मेरे हिसाब से तो सब अपनी अपनी पारी खेल रहे हैं।। ऐसे में किसी को दोष लगाना या एहसान जताना या सल्तनत के राजा हो जाने का कोई मतलब समझ नही आता।।

अगर नेटवर्क व्यवसाय में भी आप मूछों की लड़ाई में शामिल हुये तो फिर कुछ भी नया सीखने की गुंजाइश भी खत्म हो जायेगी।। फिर तरक्की का क्या होगा इस तरह तो जीवन के हालात कभी ना सुधर पायेंगे।।

हकीकत में तो यहां पर सीनियर जूनियर जैसी कोई बात नही होती।।

अपलाइन डाउनलाइन का मतलब आपस में सलाह मशवरा करना होता है।। क्या बेहतर करना है इन बातों के बारे में बातें होती हैं नाकि एक दूसरे पर तलवार लेकर खड़े रहना।। मौका है , इस नेटवर्क व्यापार में तो लीडरशिप सीखो वरना अक्खड़पन दिखाने के लिये तो और भी तमाम जगहें हैं।।

हर व्यक्ति को कंपनी के एजुकेशनल प्रोग्राम्स में जा जाकर सबसे पहले अपनी प्रेजेंटेशन तैयार करनी है और जितना हो सके आत्म निर्भर हो जाना है।।

अक्सर लोग महीने महीने साल दर साल किसी नये व्यक्ति को प्रेजेंटेशन दिखाने के लिये भी अपने किसी अपलाइन पर निर्भर रहते हैं।। ऐसे में अपलाइन ने साथ दिया तो ठीक वरना हो गया अपलाइन गुनाहगार।।

अगर ऐसा है तो नेटवर्क व्यवसाय में आपको संभल जाने की जरूरत है।। अपलाइन लंबे समय तक आपके लिये प्रेजेंटेशन नही दिखा पायेगा क्योंकि उसके पास भी लिमिटेड टाइम है।।

ये भी हो सकता है कि आपका अपलाइन 20- 30 हज़ार मासिक आय में संतुष्ट हो गया हो और ज्यादा भाग दौड़ ना करना चाहे।। ऐसे में आप किसके साथ जबरदस्ती कर पाओगे कि वो चलकर आपके साथ काम करे।।

नेटवर्क व्यवसाय में आने के बाद आपको सबसे पहले अपनी प्रेजेंटेशन को ही तैयार करना है तभी आपका मनोबल बढ़ेगा।। वरना तो आज भी तमाम लोग मोहताज ही बने घूम रहे हैं क्योंकि इन्होंने प्रेजेंटेशन देना नही सीखा।।

आपस में दोस्त बनकर काम करोगे तो ज्यादा बढ़िया है। एक दूसरे से सीखने की गुंजाइश बची रहेगी।।

लीडर बनना हर कोई चाहता है लेकिन जब लीडर वाले काम करने की बात आये तो गायब हो जाते हैं।। ऐसे भला कोई क्यों आपको लीडर माने।। हाँ आप खुद ही अपने ऊपर लीडर का ठप्पा लगा लो तो यह अलग बात है।।

नेटवर्क व्यवसाय में आपका एक स्पांसर होता है और बाकी ऊपर कई लोग अपलाइन हो सकते हैं।। ऊपर जो भी अपलाइन है सिर्फ उससे नजदीकियां बनाकर रखो जो आपको मोटीवेट करे। आपको आगे बढ़ने का मार्ग दिखाये।।

अगर कोई भी अपलाइन आपसे कोई भी नकारात्मक बात करे या आपका मनोबल तोड़ने की कोशिश करे तो आप इसके बारे में किसी बेहतर अपलाइन से बात करें या फिर कंपनी में शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं।।

बस किसी के भी मोहताज मत बने रहना इसलिये नये लोगों को प्लान दिखाना सीख लो ये ही इस व्यापार में सबसे पहले बुद्धिमानी की बात है वरना बैठे रहना इंतेज़ार में साल भर या ज़िन्दगी भर।।कामयाबी नजदीक आती मालूम ना पड़ेगी।।

हर व्यवसाय के अपने कुछ नियम होते हैं या मांग होती है इसलिये आप नेटवर्क व्यापार को छोड़कर नही बल्कि इससे अच्छे से समझकर बहुत कुछ हासिल कर सकेंगे।।

सिर्फ दिखावा मत करो कि आप नेटवर्क व्यवसाय में हो बल्कि इस व्यापार के प्रति समझदारी बढ़ाओ और फिर जितना चाहे

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