टमसार एकलव्य उत्कृष्ट विद्यालय पर सामूहिक नकल का आरोप

टमसार एकलव्य उत्कृष्ट विद्यालय पर सामूहिक नकल का आरोप
सीबीएसई ने रोंका 10वीं 12वीं का रिजल्ट

👉 *10 वीं व 12 वीं कॉमर्स के सभी छात्रों का रिजल्ट रोंका गया*

👉 *अजाक विभाग की खुल गई पोल*
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मध्य प्रदेश जिला सीधी
*अतीत के दशक में तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कुंवर अर्जुन सिंह ने सीधी जिले के आदिवासियों तथा अन्य वर्ग के लोगों को शिक्षा की उत्कृष्ट व्यवस्था से जोड़ने के लिए सीधी जिले के ट्राईबल ब्लाक कुसमी के टमसार में करोड़ों रुपए के बजट से केंद्र शासन द्वारा संचालित एकलव्य उत्कृष्ट विद्यालय की स्थापना की थी। परंतु जिस पर कल्पना को लेकर कुंवर अर्जुन सिंह ने इस विद्यालय की उस वक्त स्थापना की थी वह विद्यालय आज अपने संबंधित अन्य विभागों की बजट की लड़ाई और आपसी खींचतान के चलते राजनीति का शिकार हो चुका है।* *आलम कुछ यूं है कि इस मर्तबा इस विद्यालय के माथे पर जो दाग लगा है वह नकल का है जो इस विद्यालय की गरिमा तथा इस विद्यालय के संचालन में संबंधित विभागों तथा इस विद्यालय के अध्यक्ष यानी जिला कलेक्टर की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़ा करता है।*

करोंड़ो रूपये का बजट छात्रों की शिक्षा के नाम पर हजम करने वाले सीधी के अजाक विभाग की पोल खुल गई है। यहाँ पर हरिजन आदिवासी छात्रों के लिये खोले गए उत्कृष्ट विद्यालय के दसवी व 12वीं कॉमर्स के सभी छात्रों का रिजल्ट सामूहिक नकल के आरोप के चलते रोंक दिया गया है।
सीबीएसई बोर्ड की इस कार्यवाही से जहाँ विद्यालय प्रबंधन के होश उड़ गए हैं वहीं आजाक विभाग भी सकते में आ गया है। यही नहीं एकलव्य आदर्श आदिवासी विद्यालय टमसार के इस शर्मनाक कारनामे से जिला प्रशासन की भी उच्च स्तर पर भारी किरकिरी हुई है। दरअसल कलेक्टर के इस विद्यालय के अध्यक्ष होने के नाते जिला प्रशासन पर भी उंगली उठना लाजिमी है।
गौरतलब है कि सीधी के कुसमी जनपद के अंतर्गत हरिजन आदिवासी छात्रों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एकलव्य आदिवासी आदर्श विद्यालय टमसार तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री कुंवर अर्जुन सिंह के कार्यकाल में खोला गया था। सीबीएसई बोर्ड के इस विद्यालय में सत्र 2019 के घोषित रिजल्ट में दसवी के सभी 56 छात्रों का परीक्षा परिणाम रोंक दिया गया है। यही नहीं यहां 12वीं में पढऩे वाले कामर्स संकाय के छात्र भी ब्रेक कर दिये गए हैं। सीधी जिले से लेकर ऊपर स्तर तक सीबीएसई बोर्ड की इस कार्यवाही से हडक़ंप मच गया है।

*11वी में छात्रों का होगा संकट*

दसवीं के सभी छात्रों का रिजल्ट सामूहिक नकल के कारण रोंक दिए जाने से इस विद्यालय के कक्षा ग्यारहवीं में छात्रों का संकट खड़ा हो गया है। इसका निराकरण कब तक होगा कुछ कहा नहीं जा सकता लेकिन बोर्ड के इस कदम ने उत्कृष्ट विद्यालय में नई एवं बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। अगले सत्र के लिये यहां पर 11वीं क्लास में बच्चों का संकट खड़ा हो गया है।

*पहले भेजी गई थी नोटिस*

सूत्र बताते हैं कि बोर्ड ने इस कार्यवाही से पहले विद्यालय प्रबंधन को नोटिस भी जारी किया था किन्तु विधायक प्रबंधन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया अब जबकि पूरे छात्रों क़ा रिजल्ट रुक गया तो विद्यालय प्रबंधन अजमेर का चक्कर लगा रहा है।
दरअसल इस पूरे मामले में एक दूसरी बात भी सामने आ रही है। सूत्र बताते हैं कि विद्यालय में प्रभार व अन्य बातों को लेकर खींचतान मची रहती है। जिसके कारण संबंधित विभागों की आपसी लड़ाई के मद्देनजर किसी भी विभाग ने बोर्ड की नोटिस का जबाब समय पर नहीं दिया गया लिहाजा छात्रों का भविष्य ख़तरे में पड़ गया।

*क्या कहते हैं विद्यालय प्रबंधन ?*

विद्यालय के प्राचार्य आर बी सिंह पटेल की माने तो विद्यालय में सामूहिक नकल जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने बताया कि परीक्षा के दौरान विद्यालय सेंटर था जहाँ नकल की बात सामने नहीं आई हैं। प्राचार्य ने बताया कि वो अजमेर जा रहे हैं पूरी जानकारी तभी मिल सकेगी।
हालांकि प्राचार्य चाहे जो भी कहें सामूहिक नकल का मामला बनने के बाद केंद्राध्यक्ष पर भी गाज गिरना तय है।

*क्या कहता है विभाग?*

बोर्ड की कार्यवाही से अजाक विभाग भी शर्मसार हुआ है। सहायक आयुक्त के.के. पांडेय ने बताया कि इस मामले में नोटिस जारी की गई थी। पूरे मामले की जानकारी लेने प्राचार्य को अजमेर भेजा गया है। उन्होंने बताया कि दसवीं के सभी 56 व 12वी कॉमर्स के17 छात्रों का रिजल्ट सामूहिक नकल के कारण रोंका गया है।
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