*हम तो पूँछेंगे कलम की धार से- रोहित*

*हम तो पूँछेंगे कलम की धार से- रोहित*

【1】 *क्या कलेक्टर के कार्यों का श्रम के नाम पर उड़ाया जा रहा मजाक*?

【2】 *सूखा नाला का कायाकल्प वाकई हमारे शहर के अकल्पनीय है।*?

【3】 *क्या जिला चिकित्सालय की अब भी हालात जस की तस*?

मध्य प्रदेश जिला सीधी आज हम अपनी खास पेशकस हम तो पूँछेंगे कलम की धार के माध्यम से आज कुछ खास सवाल पूंछ रहे हैं। *कलेक्टर सीधी रचनात्मक कार्यों के लिए जाने जाते हैं* उनके द्वारा शहर की प्रशानिक व्यवस्था सम्हालते ही सब पटरी पर लाने का प्रयास किया गया पहले प्रशासन को सुदृढ़ किया तो बाद में शहर की माली हालत को सुधारने लगे बहुत हद तक अपने विजन में कामयाब भी हुए लेकिन इस बीच ये फोटो गिरोह सक्रिय हो गए और श्रम का मजाक उड़ाने लगे ऐसा हम इस लिए कह रहे हैं कि शहर के नामी गिरामी लोग शर में चश्मा लगाए फ़िल्म बनाते नजर आए जेसीबी काम कर रही और समाजसेवी सक्रिय हैं यह सोचनीय बिंदु है। लेकिन इसके इतर एक बात यह भी है।कि इस नाले की सफाई के लिए अगर किसी ने थोड़ा भी प्रयास किया यह प्रसंसनीय है। वैचारिक बात यह है कि श्रमिक श्रम करता है और समाजसेवी श्रम के नाम पर फोटो सेशन तो यह सोचनीय प्रश्न हो जाता है वहरहाल शहर विकास की गति पर है।

【2】 *क्या सूखा नाला का कायाकल्प वाकई शहर के लिए अकल्पनीय है।*?

सीधी शहर के बीचो बीच से गुजरने वाले इस नाले के पूर्व स्वरूप में अगर जाएं तो यह जीवनदायिनी नदी हुआ करती थी लेकिन शहरवासियों के उदासीनता की वजह से यह अपने मूल स्वरूप को खोता चला गया और आज नाले में परिणित हो गया इससे शहर में वर्षा के दिनों में कई मानवजनित बीमारी पैदा होती थीं और तो और नाले की जमीन का जबरजस्त अतिक्रमण किया गया और उसके स्वरूप को ही विलुप्त करा दिया कई अतिक्रमणकारी आज भी आबाद है इसलिए यह भगीरथ प्रयास वाकई अकल्पनीय है।

【3】 *क्या जिला चिकित्सालय की अब भी हालात जस की तस*?

सीधी शहर की जिला चिकित्सालय वैसे तो अपने पूर्व स्वरूप से बदलकर दुल्हन जैसे सजी हुई है लेकिन चमक दमक की बाहरी दुनिया से रोगियों को क्या लाभ रोगी तो रोग लिए चिकित्सक को ढूढते फिर रहे और चिकित्सक दुदकारते हुए भगा देते हैं बीते दिनों शहर में ऐसा वाक्या देखने को मिला कि रोगी को चिकित्सक डांट कर भगा दिया यहां हर दिन लोग मर रहे हैं और चिकित्सक मौज में हैं सिविल सर्जन सहित अन्य जिम्मेदार ,रोगियों से बदसलूकी करते नजर आ जाते हैं इस तरह अभी भी हालात पटरी पर नहीं हैं आज बस इतना ही फिर मुलाकात होगी अगले सोमवार को

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