जे. पी. निगरी पॉवर प्लांट सिंगरौली पर्यावरण संरक्षण के लिए लगायी गयी जनहित याचिका जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई 2 अगस्त को

जे. पी. निगरी पॉवर प्लांट सिंगरौली
पर्यावरण संरक्षण के लिए लगायी गयी जनहित याचिका जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई 2 अगस्त को

मध्य प्रदेश जिला सिंगरौली वन एवं वन्य जीव संरक्षण के पक्ष में दायर की गई जनहित याचिका जिसमें संजय टाइगर रिजर्व कोर एवं बफर वनक्षेत्र एवं जिले की अन्य वन संपदा के साथ सोन घड़ियाल अभ्यारण्य के लिए घातक बतायी गयी थी और पावर प्लांट की स्थापना के लिए दिए गए अनेक अनापत्ति प्रमाणपत्र को विधि विरुध्द बताया गया था जिसमें माननीय उच्च न्यायालय ने समस्त दस्तावेज और जानकारियां बुलाने के बाद उक्त फैसले पर 2 अगस्त को सुनवाई तिथि निश्चित किया है |
उपरोक्त मामले के अधिवक्ता जबलपुर हाईकोर्ट अनूप सिंह बघेल ने जानकारी देते हुए बताया कि उक्त जनहित याचिका क्र. 4838 पर्यावरणविद सुभाष सिंह संजय टाइगर रिजर्व सीधी जो जिले में दो दशक से पर्यावरण एवं पर्यटन के क्षेत्र में सक्रिय हैं के द्वारा 2011 में लगायी गयी थी |
ज्ञात हो कि याचिका चार पावर प्लांटों के विरुध्द लगायी गयी थी जिनमें जे. पी. और डी. बी. ने अपना दावा माननीय न्यायालय मे पेश किया, सूर्यचक्र एवं जैन एनरजी न्यायालय मे प्रस्तुत नहीं हुए |
सीधी सिंगरौली जिले की नदियाँ जिनमें सोन, गोपद और बनास प्रमुख हैं एवं पॉवर प्लांट गोपद नदी के किनारे स्थित है एवं बीते पांच वर्षों मे प्रदूषण के कारण सोन घड़ियाल अभ्यारण्य से सभी नर घड़ियाल समाप्त हो ग़ए हैं |

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