अजय सिंह राहुल हो सकते हैं कांग्रेस प्रदेशाअध्यक्ष

अजय सिंह राहुल हो सकते हैं कांग्रेस प्रदेशाअध्यक्ष

*जानिए किस मापदंड पर अजय सिंह (राहुल) कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के लिए फिट बैठ रहे हैं*

*राहुल सिंह गहरवार प्रधान संपादक स्वतंत्र इंडिया लाइव सेवन की कलम से*

मध्यप्रदेश भोपाल स्वतंत्र इंडिया लाइव सेवन की रिपोर्ट जी हां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बनाए जा सकते हैं। ऐसा एआईसीसी के सूत्रों से मिली जानकारी पर यह तथ्य सामने आया । सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में घोषणा कभी भी किसी भी समय हो सकती है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की दौड़ में शामिल नेताओं में अजय सिंह राहुल का नाम सबसे प्रबल दावेदारों में से एक है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए यूं ही नहीं बल्कि 15 वर्षों तक सत्ता का बनवास भोगने वाली कांग्रेश को मध्यप्रदेश में अपने संघर्ष के दम पर जिंदा रखने की बदौलत चर्चा में नाम आया। कांग्रेसमें एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत पर भी अमल हुआ तो अजय सिंह राहुल का नाम पहले नंबर पर आएगा। चूंकि कांग्रेस अध्यक्ष पद के दावेदारों में जिन लोगों के नाम अजय सिंह राहुल के अलावा चल रहे हैं, उनमें से अधिकांश शासन के मंत्री हैं या फिर एआईसीसी के पूर्व से ही पदाधिकारी हैं। लिहाजा एक व्यक्ति, एक पद के सिद्धांत पर ही अजय सिंह राहुल का नाम फिट बैठता है। अगर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एक व्यक्ति, एक पद के सिद्धांत पर अमल ना करते हुए व्यक्ति विशेष के संघर्षों व कांग्रेस के लिए दिए गए योगदान को प्रदेश अध्यक्ष का पैमाना बनाती है,तो इस मापदंड पर भी अजय सिंह राहुल खरे उतर रहे हैं। चूंकि यह नाम पिछले 15 वर्षों तक प्रदेश में कांग्रेस को जिंदा रखने के लिए चर्चा में रहा। धरना, आंदोलन, प्रदर्शन करके एक तरफ प्रदेश की भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा करने का काम अजय सिंह राहुल ने किया तो वहीं 15 वर्षों से बनवास भोगने वाली कांग्रेस के निष्क्रिय हो चुके कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में उर्जा संचार कर सक्रिय किया। सत्ता का वनवास 15 वर्षों तक भोगने वाली कांग्रेस में उस वक्त भी संगठन था नेता थे पदाधिकारी थे लेकिन सरकार के खिलाफ विधानसभा से लेकर सड़क तक सक्रिय सिर्फ और सिर्फ अजय सिंह राहुल रहे।
15 वर्षों तक किसानों, गरीबों,
मजदूरों, युवाओं की मांगों को लेकर जल संकट से पानी के समाधान तक के मुद्दों को उठाने वाले अजय सिंह राहुल ने सरकार के व्यापम जैसे भ्रष्टाचार का खुलासा कर कटघरे में शिवराज सरकार को खड़ा किया। इसी मुद्दे पर अजय सिंह राहुल ने संख्या बल काम होने के बाद भी सरकार के खिलाफ विधानसभा सदन के भीतर अविश्वास प्रस्ताव लाया।

*अजय सिंह राहुल का दावा सबसे मजबूत*
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए अजय सिंह राहुल के द्वारा कोई दावा पेश नहीं किया गया। ना ही उनके द्वारा कोई पैरवी की जा रही। अलबत्ता उनके समर्थकों, कांग्रेस जनों द्वारा कांग्रेस के लिए किए गए त्याग और संघर्ष ही प्रदेश अध्यक्ष पद के लिये उनका दावा मजबूत करता है। दावेदारों ने कई नाम सामने हैं, मगर इनमें से कई दावेदार मध्य प्रदेश शासन के मंत्री खाएं तो वहीं अब तक कई दावेदार अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी एवं प्रदेश प्रभारी पदों पर हैं। अजय सिंह राहुल इकलौता नाम है, जो सत्ता और संगठन के किसी भी पद पर नहीं है। लिहाजा यह नाम प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए सबसे ज्यादा मजबूती के साथ सामने आ रहा है।

*कांग्रेस पार्टी को मिलेगा लाभ* कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए जितने भी दावेदार हैं इनमें से अधिकांश एक क्षेत्र विशेष तक सीमित हैं। जबकि अजय सिंह राहुल इकलौता नाम है। जिनका जनाधार जिन के समर्थक पूरे प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मौजूद हैं। एआईसीसी अगर अजय सिंह राहुल को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपती है तो इसका सीधा फायदा कांग्रेस को मिलेगा।

*चित्रकूट विधानसभा की जीत बनी थी संजीवनी*
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने चित्रकूट विधानसभा उपचुनाव में अकेले दम पर प्रदेश की सरकार से मुकाबला किया और विधानसभा का उपचुनाव कांग्रेस के पक्ष में जिताने का काम किया। 15 वर्षों से सत्ता बेदखल कांग्रेस को चित्रकूट की जीत में संजीवनी देने का काम किया। अजय सिंह राहुल कांग्रेश के लिए संकट मोचन बनकर आए और जीत की संजीवनी देकर कांग्रेश को जोश उत्साह और ऊर्जा से लबरेज किया इसी जीत के बाद कांग्रेस ने प्रदेश और देश में स्थानीय निकायों में कई उपचुनाव लगातार जीते।

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