3 बच्चों सहित 361 कैदी जिला जेल मे काट रहे अपराधों की सजा 

3 बच्चों सहित 361 कैदी जिला जेल मे काट रहे अपराधों की सजा
दो साल मे बदली जेल की दषा व दिषा,सरकार से चिकित्सा ब्यवस्था की दरकार

राहुल सिंह गहरवार प्रधान संपादक स्वतंत्र इंडिया लाइव 7

मध्य प्रदेश जिला सीधी जी हां हम बात कर रहे हैं 190 कैदी रखने की छमता वाली जेल मे 361 कैदी, अधीक्षक सहित 59 के हवाले जिम्मेदारी
वीडियों कांन्फ्रेसिंग की सुनवाई ने दी जेल और अदालत के बीच होने वाली समस्याओं राहत
रामबिहारी पाण्डेय ब्यूरों सीधी। अपराध की सजा भुक्ताने के लिये बनाई गई जेल मे छमता से तीन गुना ज्यादा कैदियों को रखना पड़ रहा है उसी अनुसार ब्यवस्था भी बनानी पड़ रही है। कैदियों के अनुसार पुलिस बल तो कम रहते है लेकिन सीधी जिला जेल मे इस साल जितने पोस्ट है उसके अनुसार सरकार ने पूरी कर दिये है जिससे कैदियों को नियंत्रित करने मे सहांयक सावित हो रही है तो देष की प्रमुख अदालत के निर्देष पर शुरू हुई वीडियों कान्फ्रंेस से सुनवाई ने जेल के अधिकारियों की चिंता कम की है। अव चुनिंदा आरोपियों को फैसले के समय ही अदालत मे हाजिर करना पड़ता हैं इस ब्यवस्था से जो समय और बल की जरूरत होती थी उससे राहत मिली है तो जेल के भीतर की ब्यवस्था भी दुरूस्त हो गई हैं कैदियों को पौष्टिक घर जैसे भोजन परोसा जाने लगा हैं खुद अधीक्षक तैयार भोजन का अवलोकन करते है फिर कैदियों को परोसने की इजाजत देते है। हां जिला जेल मे कैदियों की बढ़ती छमता को चाह कर भी दूर नही कर पा रहे है सीधी  के जिला जेल मे आठ बैरिक बनाये गये है जिसमे 190 कैदी सुचारू रूप से रखे जा सकते है लेकिन मिल रही  सजाओं के कारण एक बैरिक मे 30 से 35 कैदी रखे जाते है मंगलवार को सीधी की जेल मे जहां 3 बच्चों सहित 358 सजा याफ्ता कैदी रखे गये थे विचाराधीन कैदियों की संख्या अलग रहती है उनके लिये भी जेल प्रवंधन को ही ब्यवस्थाए बनानी होती है लेकिन उनकी संख्या निष्चित नही रहती हैं।
जेल प्रवंधन के रिकार्ड पर गौर किया जाय तो 10 सितम्बर 2019 को जिला जेल मे जव लाकप खुला तव 358 कैदी सजा काट रहे थे उनमे 3 बच्चे भी थे हवालातियों मे 271 पुरुष एवं 12 महिला कैद हैं कैदियों मे जबकि 73 पुरुष तथा 2 महिला  कुल 75 कैदी शामिल हैं। जिला जेल सीधी मे 190 कैदियों की रखने क्षमता है लेकिल जो आंकड़े मिले है उसके अनुसार  दोगुने कैदी होने के कारण जेल अधीक्षक को जेल की 8 बैरक में कैदियों को व्यवस्थित करना पड़ता है। जिला जेल में कुल आठ बैरक हैं। 1 बैरक में 15 से बीस कैदी रहने की छमता है लेकिन 40.45 कैदियों को रखने कों मजबूर होना पड़ता है।

*डेढ़ साल से बैरिक मिलने का इंताजार *

जिला जेल मे बढ़ती कैदियों की संख्या को देखते हुए जेल अधीक्षक के प्रयास से बैरिक बनाने की मजूरी तो मिली निर्माण कार्य भी लोकनिर्माण विभाग से हो गया है लेकिन डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी बैरिक का लोकार्पण नही हो सका है जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है बताया गया है कि निर्माण एजेसी ने तैयार बैरिक जेल प्रवंधन को सुपुर्द नही किया गया है जिसका मलाल प्रवंधन को बना हुआ है। वहीं जेल के अंदर एक बैरक से दूसरे बैरक में जाने के लिए रोड का अभाव बना हुआ है। जिससे बरसात के दिनों में समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कैदियों के वस्त्र रखने के लिए बैरक के बीच में कमरे  कैदियों के रिकार्ड या बंदी टिकट को व्यवस्थित रखने के लिए कक्ष जेल स्टाफो को रहने के लिए तीन आवास गृह बिजली का अलग से जेल का फीडर की व्यवस्था बनाने की दरकार बनी हुई है। इनमें से अधिकांश कार्यों के लिए प्रस्ताव भेजे हैं लेकिन सरकार के आर्थिक संकट मे होने के कारण मजूरी नही मिल सकी है।
प्रत्यक्ष मुलाकात की नही हुई ब्यवस्था
जेल मे सजा काट रहे अपराधियों के स्वजनों से मुलाकात करने की ब्यवस्था पारदर्षी बनाया जाना था जिसमे  कैदी परिजनों से सीधी नहीं बल्कि दूरभाष से वार्तालाप करेेंगे व कांच के कक्ष में अंदर की ओर कैदी और बाहर की ओर परिजन बैठेंगे। दोनों एक दूसरे को देख सकेंगे। बात दूरभाष से बात कर एक दूसरे को जान सकेगें ।
प्रहरी के पद पूरे चिकित्सक सहांयक अधीक्षक अधूरे
जिला जेल की ब्यवस्था बनाने के लिये जिन पदों की स्वीकृत सरकार से मिली है उनकी भी पूर्ती नी की गई है अधीक्षक और जेलर को छोड़ दिया जाय और प्रहरी के पद को छोड दिया जाय तो कोई पद पूरे भरे नही है आकड़ों पर गौर करे तो जेल अधीक्षक उपजेल अधीक्षक के एक एक पद स्वीकृत है दोनो पद भरे हुए है जवकी सहांयक जेल अधीक्षक 3 पद स्वीकृत है एक पद भरा है इसी साल दो पद खाली है चिकित्साधिकारी का एक पद स्वीकृत है वह भी रिक्त पड़ा है सहायक चिकित्सक का एक पद रिक्त है लेखा पाल 1पद रिक्त है षिक्षक 1 रिक्त पुरूष परिचारक 1 रिक्त सुधार उपदेषक 1पद भरा मुख्य प्रहरी 8पद मे 3 पदस्थ 5 खाली है प्रहरी के 37 पद है पूरे भरे हुए है यहा तक वाहन चालक 1 पद रिक्त है नियमित सफाई कर्मी के 2 पद मजूर है एक नियुक्त एक का इतजार किया जा रहा है। आठ महिला प्रहारी के पद भरे गये है इतना ही नही जिला जेल के एक प्रहरी को रीवा जिले के त्यौथर उप जेल मे पदस्थ किया गया है।
इनका कहना है।

प्रदेष के सभी जेलों के हालात एक जैसे है सीधी जेल की दषा मे बहुत सुधार हुआ है भोजन सुरक्षा के बेहतर इतजाम किया गया है अव खाने मे कटौती होने की षिकायत नही मिलती है कैदियों को हर माह कानून की जानकारी दी जाती है उनके अधिकार बताए जाते है। जेल की आधी समस्या तो न्यायालय आने जाने की रहती रही है जिसे वीडियों कान्फेंस के जरिये सुनवाई शुरू कर देने से दूर कर दी गई है। जेल की कुछ समस्याएं है जिन्हे जल्दी ही दूर कर लिया जायेगा।

कुलवंत सिंह धुर्वे जेल अधीक्षक सीधी।

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