सड़क में मंदिर बनाने की झूठी शिकायत कर्ताओं पर सरकारी तमाचा…….

सड़क में मंदिर बनाने की झूठी शिकायत कर्ताओं पर सरकारी तमाचा…….

क्या झूठी शिकायत करने वालों पर प्रशासन करेगा कार्यवाही..

क्या वरिष्ठ कांग्रेस नेता को बदनाम करने की रची जा रही साजिश नाकाम

क्या कांग्रेस के वरिष्ठ नेता को बदनाम करने वाले भाजपा एवं कांग्रेस के नेता भी शामिल हैं

मध्य प्रदेश जिला सीधी-जी हां हम बात कर रहे हैं जांच के दौरान झूठी निकली सरकारी सडक मे मंदिर बनाने की शिकायत……
बीते कई दिनों से जनपद पंचायत मझौली अन्तर्गत ग्राम पंचायत चौहाननटोला के शेर गांव मे सरकारी डामरीकृत सडक के बीच मंदिर बनाये जाने की खबरें प्रिंट सहित सोशल मीडिया में काफी चर्चा का विषय बनी हुई हैं। यहां तक की भाजपा जिलाध्यक्ष सहित जिला पंचायत अध्यक्ष व धौहनी विधायक द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मझौली को मंदिर निर्माण कर मार्ग अबरुद्ध करनें संबंधी ज्ञापन भी दिया गया था। जिसमें कांग्रेस के वरिष्ट नेता आनंद सिंह शेरगांव व इनकी बहू जो की ग्राम पंचायत चौहाननटोला की रोजगार सहायक है। दोनों के ऊपर सरहंगता पूर्वक सरकारी डामरीकृत सडक के बीचों बीच मंदिर निर्माण कर रास्ता अबरुद्ध करनें के प्रयास का आरोप लगाया गया था। जिसके आधार पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मझौली द्वारा पत्र क्रं. 1278/प्रवा./2019 दिनांक 5 अक्टूबर 2019 को कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग सीधी को स्थल निरिक्षण कर जांच प्रतिवेदन सौपने हेतु आदेशित किया गया था। जिसके परिपालन मे 10 अक्टूबर को अनुविभागीय अधिकारी लोकनि विभाग मझौली स्तुति गौतम व यमपी साहू उपयंत्री, द्वारा विवादित स्थल सहित सडक का निरिक्षण किया गया। जिसमे आरोप निराधार व झूठा पाया गया है। जिसका प्रतिवेदन कार्यपालन यंत्री लोनिवि द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मझौली को सौंपा गया है। जिसमें उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत चौहाननटोला अन्तर्गत शेरगांव पहुंच मार्ग कुल स्वीकृति लम्बाई 2.60 कि.मी है। जो अकौना मडवास पीमजीयसबाई मार्ग के कि.मी.3 से निकलती है। जिसमें विभाग द्वारा कुल 2600 मीटर मे वर्क सत्र 2013-14 मे कार्य कराये जाने हेतु 33.10 लाख की राशि स्वीकृति की गई थी। जिसे संविदाकार मेसर्स अरुण कान्सट्रक्सन कम्पनी टिकरी द्वारा कार्य कराया गया था। परन्तु मार्ग के चैनेज 1054 मीटर से 1980 मीटर के मध्य ग्रामीणों द्वारा अतिक्रमण किये जाने के कारण कार्य दो भागों में कराया गया है। पहला चैनेज 0 मीटर से 1053 मीटर तक जिसकी लम्बाई 1053 मीटर है। दूसरा कार्य चैनेज 1980 मीटर से 2600 मीटर है। जिसकी लम्बाई 620 मीटर है। जिसकी कुल लम्बाई का योग 1673 मीटर है का ही कार्य कराया गया था। जिसमे 21.46 लाख रुपये का शासकिय भुगतान किया गया था। मार्ग के चैनेज 1980 मीटर से मंदिर मार्ग तालाब तक पहुंच मार्ग है। जिसकी लम्बाई 127 मीटर है। जिसमे विभाग द्वारा किसी भी प्रकार का कार्य नहीं कराया गया था। एवं यह मार्ग विभाग के अन्तर्गत नहीं आता है। जहां पर मंदिर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। सुलभ संदर्भ हेतु संबंधित उपयंत्री एवं अनुविभागीय अधिकारी द्वारा जांच प्रतिवेदन एवं मार्ग का नक्शा भी सौंपा गया है। आपको बता दें विभाग के अधिकारियों ने शिकायतकर्ता ऊपर सरकारी तमाचा मारने का काम किया है इससे यह प्रतीत होता है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद सिंह चौहान शेरगांव को बदनाम करने की कोशिश में भारतीय जनता पार्टी एवं कुछ जनप्रतिनिधि सहित कांग्रेश के भी नेता शामिल होने की सूत्रों से जानकारी मिली।

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