*हम तो पूँछेंगे कलम की धार से-रोहित*

*हम तो पूँछेंगे कलम की धार से-रोहित*

【1】 *क्या स्वास्थ्य विभाग की बड़ी सर्जरी से आमजनमानस को स्वास्थ्य का मिल पायेगा लाभ*?

【2】 *क्या वाकई खत्म हो गया ज़*?

【3】 *क्या एस, बी खरे जैसे अधिकारियों के तबादले के पीछे राजनीतिक साजिश*?

मध्य प्रदेश जिला सीधी आज शनिवार है और हम अपने साप्ताहिक प्रस्तुति *हम तो पूँछेंगे कलम की धार से* के माध्यम से पूंछ रहे हैं स्वास्थ्य महकमे में बड़े फेरबदल के सम्बंध में सीधी जिला चिकित्सालय यूं तो अपने क्रियाकलापों के लिए हमेशा चर्चा में रही चाहे हाथों को कंधे में लेकर आने का मामला हो या फिर हर एक मर्ज के लिए एक ही दवाई या निशुल्क औषधि वितरण केंद्र से हर एक मर्ज के लिए एक ही दवाई का मामला हो जब तक चिकित्सक यस बी खरे सीधी जिला चिकित्सालय में पदस्थ थे तो कभी ऐसा नहीं लगा की व चिकित्सक हैं बल्कि हमेशा ऐसा लगा की वह चिकित्सक कम नेता ज्यादा है ऐसा इसलिए कि मध्य प्रदेश की सत्ता में दो बड़े दल का हमेशा उलटफेर होता रहा और वह सीधी में लंबे अंतराल से रहते रहते सारे नेताओं के कद काठी और हिम्मत को बखूबी पढ़ लिए थे छोटे से लेकर बड़े स्तर तक के नेताओं की बातों को गंभीरता से लेते थे इसलिए सीधी जैसे राजनीतिक स्थल में भी उनका सिक्का खूब चला जबकि उनके द्वारा चिकित्सकीय लापरवाही ने कई लोगों की जान ले ली उसके बावजूद भी वह जिले में कुछ चुनिंदा लोगों के पसंदीदा बने रहे ऐसा एक उदाहरण नहीं है जिला प्रशासन में कई ऐसे अधिकारी कर्मचारी हैं जो एक ही पद पर आसीन है और सत्ता किसी की भी आती जाती हो लेकिन वह अपने पद पर बने रहते हैं ऐसा जानते हैं क्यों इसलिए सत्तासीन पार्टी के नेताओं की चौकीदारी करना एक परंपरागत समय से जमीन भी कर्मचारी से ज्यादा भला कौन जानता है जब ऐसे चिकित्सकों का स्थानांतरण हो चुका है अब यह बात बलवती हो गई है कि चिकित्सालय सीधी में चिकित्सा का स्तर लगभग अच्छा होगा हां इसके लिए शासन और प्रशासन को भी चाहिए कि जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों की व्यवस्था कराएं जिससे ग्रामीण अंचल से आने वाले लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े

【2】 *क्या वाकई खत्म हो गया लाकडाउन*?

देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है और हिंदुस्तान की सरकार सहित प्रदेश की सरकार यह चाहती है कि लाकडाउन खत्म हो और देश की अर्थव्यवस्था पटरी पर आए क्योंकि इस अवस्था में जिस तरीके से लाकडाउन चल रहा है और जनता खुद को कैद समझ रही है यह देश और समाज के लिए शुभ संकेत नहीं है पर लाकडाउन खोलने का मतलब यह बिल्कुल नही है कोरोना महामारी खत्म हो गयी है बल्कि देश की सत्ता यह चाहती है कि जनता जबाबदेह बने और कोरोना महामारी के साथ जीना सीखे और बचाव का उपाय करे यह बात सही है की मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में लाकडाउन की महज एक औपचारिकता बची है और शहर में सुबह 6:00 बजे से लेकर रात्रि के 8:00 बजे तक पूरी चहल-पहल रहती है ऐसा लगता है जैसे जेल में कैद कैदी छूटा हो और वह विचरण कर रहा हो लोगों से अपनी दुख भरी कहानी बता रहा हो इस तरह की स्थितियां शहर चौक चौराहे में लगने वाली भीड़ बता रही है इसलिए सरकार को चाहिए कि ग्रामीण अंचल में जन जागरूकता के माध्यम से करोना से बचने के उपाय जनता को समझाए लेकिन यह भी संभव है कि सरकार का इस दिशा में कदम हो कि जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने की बजाय करोना महामारी से लोग मर जाएं ऐसा भी प्रतीत हो रहा है।

【3】 *क्या एस, बी खरे जैसे अधिकारियों के तबादले के पीछे राजनीतिक साजिस*?

सीधी जिला चिकित्सालय से बड़ी सर्जरी हुई जिस कारण जिले भर में बड़ी चर्चा रही लेकिन यह सवाल उठना लाजमी है कि जिस चिकित्सक ने सत्ता की खूब रखवाली किया लेकिन चंद समय मे ही खरे इस खबर ने खूब चर्चा बटोरी
*जिले के सीएमएचओ एवं जिला अस्पताल के सिविल सर्जन बदले गए…*
*वर्तमान सीएमएचओ आरएल वर्मा जबलपुर स्थानांतरित।*
*जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. एसबी खरे का स्थानांतरण जिला अस्पताल रीवा हेतु।*
*सीधी जिले के नए सीएमएचओ होंगे फिर डॉ बीएल मिश्रा।*
*जिला अस्पताल के नए सिविल सर्जन होंगे फिर डॉक्टर डीके द्विवेदी।*
इन स्थान्तरण ने कुछ को गमगीन किया तो कुछ को हर्षित लेकिन यह बात प्रश्न ही रही कि राजनीतिक साजिश है या नहीं अवश्य ही है क्योंकि यह बिना राजनीति के इशारे सम्भव नहीं फिलहाल जिले के लिए यह अच्छा है पर इससे भी अच्छा तब होगा जब योग्य चिकित्सकों की कमी जिले में सरकार पूरी करे आज बस इतना ही फिर मिलेंगे अगले शनिवार को

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