शराबी और कोरेक्सियो का केंद्र बना किशन ढावा, NH 39 बायपास में व्याप्त रहता है आतंक*

*शराबी और कोरेक्सियो का केंद्र बना किशन ढावा, NH 39 बायपास में व्याप्त रहता है आतंक*

मध्यप्रदेश जिला सीधी जी हां हम बात कर रहे हैं सीधी के एनएच 39 हाईवे पर संचालित ढावे शराब विक्रय और शराबियो के जमघट का केंद्र बने हुए है जहा खुले आम सभी नियमो को ताक में रख कर शराब विक्रय और मदिरा पान किए जाते है कुछ तो ऐसे ढावे संचालित है जिनके आस पास घनी वस्ती और विद्यालय संचालित है लेकिन पुलिस प्रशासन और अविकारी विभाग सुस्त पड़ा हुआ देख रहा है।

*शराबी और कोरेक्सियो का केंद्र बना किशन ढावा, NH 39 बायपास में व्याप्त रहता है आतंक*

एनएच 39 वायपास में संचालित किशन ढावा शराब विक्रय और शराबियो के जमघट का केंद्र है जो अपनी इस क्रिया से हमेशा सुर्खियों में रहा है। किशन ढावा में सभी नियमो को ताक में रख शराब का विक्रय और मदिरा पान की व्यवस्था रहती है और आए दिन छोटी – बड़ी घटनाएं होती रहती हैं यही घटनाएं कब बड़ा आकार ले लेगी जो संभावनाओं पर निर्भर है। यह ढावा शहर और गांव के जुड़ी हुई कड़ी के बीचों बीच संचालित है।

*तत्कालीन रहे सिटी कोतवाली टीआई अनिल उपाध्याय के निर्देशन में पुलिस को मिलती रही सफलता*

सीधी सिटी कोतवाली तत्कालीन टीआई रहे अनिल उपाध्याय के निर्देशन में कई बार बहुचर्चित किशन ढावा छापे मार कार्यवाही की गई थी। छापामार कार्यवाही में प्रत्येक बार सिटी कोतवाली पुलिस को सफलता मिली कभी शराब का जखीरा, कभी जुआडियो का मिला जमघट इसी कारण अब तक किशन ढावा के दर्जनों मालिक बदलते रहे है लेकिन कुछ विगत माह से सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा न कार्यवाही की गई न ही ढावा संचालकों को हिदायत दी गई। सूत्रों की माने तो कुछ रक्षा का पोशाक धारण किए हुए हप्ते दर हप्ते पहुंचते रहते है और जमघट का मंद मंद गति से आनंद लेते है फिर संचालकों को किसी भी प्रकार की कार्यवाही का डर क्यों रहे?

*आए दिन होती रहती है छोटी – बडी झड़पें, ढावा में खुले आम विक्रय होती है शराब*

सीधी शहर और ग्रामीण क्षेत्र को एक कड़ी में बधे केन्द्र पर संचालित किशन ढाबा में मदिरा विक्रय, मदिरा पान , कोरेक्सियो के जमघट और जुआ खेलने वालो का जमघट लगा रहता है। ढावा में किसी न किसी वजह से रोज छोटी – बड़ी झड़पें होती रहती हैं यही झड़पें कब एक बड़ा आकार ले लेगी यह एक संभावनाओं का विषय है लेकिन सवाल यही उठता है कि पुलिस प्रशासन और अविकारी विभाग कब तक सुस्त और मौन रहेगा?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *