*वैढ़न पुलिस के चंगुल में फंसे 39 लाख कैश वैन के फरार आरोपी*

*वैढ़न पुलिस के चंगुल में फंसे 39 लाख कैश वैन के फरार आरोपी*

*सीधी से कैश लेकर भागे थे दो आरोपी*

*कोतवाली पुलिस वैढ़न ने सीधी पुलिस को किया सुपुर्द*

*सिंगरौली जिले के एक आरक्षक पर शक की सुई*

आरबी सिंह राज की कलम से

सीधी जिले में स्थापित एटीएम में नोट डालने के जिम्मेदार सीएमएस कंपनी के कर्मचारी कई दिनों से 39 लाख रूपये फरार हो गये थे। इस घटना की भनक लगने के बाद सीधी के बैंक प्रबंधकों में हड़कम्प की स्थिति निर्मित हो गयी। ये नगदी रूपये एटीएम में डालने के लिए कैश वैन से कर्मचारी लेकर गये थे। लेकिन एटीएम में न डालकर फरार हो गये थे।
बैंक प्रबंधकों की शिकायत पर सीधी कोतवाली पुलिस मामला कायम करते हुए इन आरोपियों के धरपकड़ में लग गयी। लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
अंतत: सिंगरौली जिले की कोतवाली बैढऩ पुलिस ने इस कैश वैन के शातिरों को धर दबोचा है।
मिली जानकारी के अनुसार सीधी बैंक प्रबंधकों ने अपने-अपने हिस्से की राशि एटीएम में डालने के लिए सीएमएस कंपनी के कर्मचारियों को सौंपा था। लेकिन कंपनी के कर्मचारी एटीएम में पैसा न डालते हुए तकरीबन 39 लाख रूपये लेकर रफूचक्कर हो गये। घटना की खबर कोतवाली सीधी पुलिस को लगी तो पूरे जिले में नाकेबंदी कराते हुए सीमावर्ती जिलों में भी पुलिस को जानकारी देते हुए एलर्ट कर दिया था।

कैश वैन लेकर फरार हुए कंपनी के कर्मचारी सीधी से जब सिंगरौली जिले में प्रवेश कर कोतवाली बैढऩ क्षेत्र के सासन गेट के पास पहुंचे तो चेकिंग को लेकर पुलिस की नाकेबंदी शुरू थी।
कोतवाली बैढऩ के कोतवाल अरूण कुमार पाण्डेय व मौके पर मौजूद पुलिस की नजर जब एमपी 66 टी 2531 स्विफ्ट डिजायर वाहन पर पड़ी तो तत्काल सघन चेकिंग शुरू की। मामला पुलिस को संदिग्ध लगा तो तत्काल पकड़ लिया गया और उनसे पूछताछ शुरू कर दी। इस दौरान वैढ़न कोतवाली की पुलिस ने सीधी की पुलिस से संपर्क कर स्थिति स्पष्ट किया गया जिस पर संदिग्ध आरोपियों को पहचान लिया गया।

बैढऩ थाना पुलिस ने संदेह के आधार पर जिस स्विफ्ट डिजायर कार को अपने कब्जे में लेकर पूछताछ प्रारंभ की गई थी उसमें कैश वैन का चालक सतीश रावत जो रीवा का रहने वाला था और उसके साथ एक अन्य व्यक्ति अनिल तिवारी को स्विफ्ट कार से गिरफ्तार कर लिया गया।

*सिंगरौली के एक सिपाही की भूमिका संदिग्ध*

इस पूरे मामले को लेकर सिंगरौली जिले के एक सिपाही की भूमिका भी इस पूरे कैश वैन चोरी में संलिप्त लोगों के साथ संदिग्ध बताई जा रही है।
सूत्र बताते हैं कि कैश वैन के चालक सतीश रावत का रिश्तेदार सिंगरौली में आरक्षक के पद पर तैनात है और देर रात सतीश रावत नाम के इस आरोपी ने अपने कथित पुलिस कर्मी रिश्तेदार को फोन किया था जिसके बाद पुलिस ने सिंगरौली में पदस्थ इस पुलिसकर्मी से उसके आवास में जाकर पूछताछ की है।

*पूरे रीवा रेंज की पुलिस थी एलर्ट*

सीधी से 39 लाख रूपये लेकर भागने वाले वैन के आरोपियों को पकडऩे के लिए आईजी रीवा रेंज ने पूरे जोन के पुलिस को एलर्ट कर दिया था।

*कुछ देर बाद ही यूपी में चले जाते आरोपी*

सिंगरौली पुलिस ने माना कि वैढ़न कोतवाली पुलिस की सतर्कता से 39 लाख रूपये लेकर भागने वाले आरोपी दबोच लिये गये अन्यथा जैसे ही गोभा चौकी के बाद यूपी सोनभद्र में प्रवेश करते फिर पुलिस को पकडऩे के लिए कई दिनों तक पापड़ बेलने पड़ते।
टीआई वैढ़न अरूण पाण्डेय ने माना है कि कोतवाली पुलिस एलर्ट थी उसी का परिणाम है कि आरोपी दबोच लिये गये।

*सीधी पुलिस को सौंपे गये आरोपी*

बैढऩ पुलिस ने एटीएम कंपनी के इन आरोपियों को स्विफ्ट डिजायर कार के सहित सीधी कोतवाली पुलिस को सौंप दिया है जहां सीधी पुलिस सिटी कोतवाली सीधी में लाकर इनसे पूछताछ कर रही है।
इस पूरे गंभीर मामले का पर्दाफाश विस्तृत तौर पर कल आरोपियों से पूछताछ के उपरांत ही सीधी पुलिस करेगी।

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