वनाधिकार महोत्सव” में जिले के 656 हितग्राही वनाधिकार हक प्रमाण पत्र से हुए लाभान्वित

“वनाधिकार महोत्सव” में जिले के 656 हितग्राही वनाधिकार हक प्रमाण पत्र से हुए लाभान्वित
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सभी पात्र आदिवासी भाई को मिलेगा उसकी भूमि का मालिकाना हक – विधायक श्री टेकाम
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प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के गरीब एवं वंचित वर्गों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभांवित करने के लिए “गरीब कल्याण सप्ताह” अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा भोपाल में “वनाधिकार उत्सव” का शुभारंभ किया गया। वनाधिकार उत्सव के तहत प्रदेश के 47 जिलों में 22 हजार से अधिक वनाधिकार हक प्रमाण पत्रों का पात्र हितग्राहियों को वितरण कर खुशियों की सौगात देने का कार्य किया गया। सीधी जिले के 656 हितग्राहियों को वनाधिकार हक प्रमाण पत्र वितरित कर आदिवासी परिवारों को उनकी वन भूमि का मालिकाना हक प्रदान किया गया है।

संजय गांधी स्मृति महाविद्यालय के ऑडोटोरियम में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक धौहनी कुंवर सिंह टेकाम ने कहा कि आज का दिन वास्तव में हमारे लिए उत्सव का दिन है। आदिवासी समाज जो कई वर्षों से वनभूमि में निवास कर वनों की रक्षा कर रहा है तथा खेती कर अपने जीवन यापन करता आ रहा है, उसे उनके भूमि का अधिकार पत्र का वितरण कर उनकी आजीविका का साधन सुनिश्चित करना निश्चित ही एक सराहनीय कार्य है। विधायक श्री टेकाम ने कहा कि पूर्व में भी मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा अभियान चलाकर वनाधिकार पत्रों का वितरण किया गया था। अब जो लोग किन्ही कारणों से वंचित रह गए थे, उन्हें भी उनकी जमीन का मालिकाना हक दिया गया है। विधायक ने कहा कि सभी पात्र व्यक्तियों को उनका हक देने तक यह अभियान निरंतर चलता रहेगा। विधायक ने उपस्थित अधिकारियों को कहा कि वन भूमि पर काबिज इन हितग्राहियों को शासन द्वारा संचालित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से भी लाभान्वित करने की कार्यवाही की जाए। उनके कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए मेड़ बंधान, खेत तालाब, कपिल धारा कूप जैसी अन्य योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाए, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। इसके साथ ही उन्हें मछली पालन, पशुपालन, उद्यानिकी अन्य गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण एवं आवश्यक सहयोग प्रदान करते हुए सार्थक पहल की जाए।

विधायक श्री टेकाम ने उपस्थित आदिवासी भाइयों को नशे के चंगुल में नहीं फंसने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा कुचक्र है जो हमें गरीबी के दलदल में फंसता जाता है। प्रगति की राह पर अग्रसर होने के लिए हमें नशे की आदतों के त्याग करना होगा। उन्होंने कहा कि सभी अपने घर जे बच्चों की अच्छी शिक्षा दीक्षा कराएं। आदिवासी वर्ग के बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा प्राप्त हो इसके लिए शासन द्वारा कई योजनाएं संचालित की गई हैं। आगे आकर उन सभी योजनाओ का लाभ प्राप्त करें।

कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी ने बताया कि वनाधिकार अधिनियम 2006 एवं नियम 2008 के अंतर्गत जिले में पूर्व में एक हजार 331 व्यक्तिगत दावों तथा 560 सामुदायिक दावों को मान्य किया गया था। शासन के निर्देशानुसार अभियान चलाकर अमान्य दावों की ग्राम स्तरीय, खंड स्तरीय तथा जिला स्तरीय समिति द्वारा पुनः गहन परीक्षण किया गया जिसमें जिले में 656 दावों को मान्य पाया गया है, जिसमें से विकासखण्ड सीधी अंतर्गत 211, सिहावल अंतर्गत 134, रामपुर नैकिन अंतर्गत 231, कुसमी अंतर्गत 35 एवं मझौली अंतर्गत 45 दावों को मान्य पाया गया है। उक्त सभी हितग्राहियों को वनाधिकार हक प्रमाण पत्रों का वितरण किया जा रहा है। कलेक्टर श्री चौधरी ने कहा कि इन सभी व्यक्तियों को शासन की अन्य योजनाओं से लाभांवित करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही अन्य पात्र व्यक्तियों की जांच कर शासन के नियमानुसार उन्हें लाभान्वित किया जाएगा।

वनाधिकार हक प्रमाण पत्र वितरण हेतु जिला एवं खंड स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहाँ मुख्यमंत्री श्री चौहान के उद्बोधन का सीधा प्रसारण देखा सुना गया।

जिला स्तरीय कार्यक्रम में वनाधिकार हक प्रमाणपत्र से लाभान्वित हितग्राही, जनप्रतिनिधि, संबंधित विभागीय अधिकारी, गणमान्य नागरिक इंद्र शरण सिंह चौहान, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजमणि साहू, जिला पंचायत सदस्य वर्षा सिंह, उषा गोपाल सिंह, वनमंडलाधिकारी एम पी सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत आर के शुक्ल, उपखंड अधिकारी गोपद बनास नीलांबर मिश्रा उपस्थित रहे।

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