मध्य प्रदेश जिला सिंगरौली जी हां हम बात कर रहे हैं। एनटीपीसी विंध्याचल की एशिया की प्रमुख ताप विद्युत परियोजनाओं में गिनती होती है, लेकिन परियोजना क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख मार्ग इन दिनों बदहाली का दंश झेल रहे हैं। विंध्यनगर, तेलगवां और मटवई को जोड़ने वाली सड़क बारिश के बाद पूरी तरह अव्यवस्थित हो गई है। सड़क पर जमा पानी और गहरे गड्ढों के कारण यह मार्ग राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन गया है।
रेलवे क्रॉसिंग से शक्तिनगर बायपास मटवई की ओर जाने वाला मार्ग और आरटीओ बैरियर से आगे रेलवे क्रॉसिंग तक की सड़क पर बारिश का पानी भर गया है। स्थिति यह है कि कई जगह सड़क और गड्ढों के बीच अंतर करना मुश्किल हो रहा है। वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में भी सड़क पर भरे पानी की स्थिति साफ दिखाई दे रही है, जहां वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दोपहिया वाहन चालकों के लिए बढ़ा खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार, जलभराव के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक खतरा बना हुआ है। पानी में छिपे गड्ढों के कारण वाहन अनियंत्रित हो सकते हैं। वहीं भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क की हालत और खराब हो रही है। लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर आए दिन छोटे-बड़े हादसों की आशंका बनी रहती है।
हर बारिश में दोहराती है समस्या
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में यही स्थिति बनती है। कई बार सड़क मरम्मत और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की मांग उठाई गई, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
एनटीपीसी ने बताया- स्थायी समाधान पर चल रहा काम
एनटीपीसी के जनसंपर्क अधिकारी शंकर सुब्रमण्यम ने बताया कि प्रबंधन को इस समस्या की जानकारी है और इसके स्थायी समाधान पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क का नया डिजाइन तैयार किया जा रहा है, जिससे बारिश का पानी सड़क पर जमा न हो और भारी वाहनों के आवागमन के बाद भी सड़क लंबे समय तक खराब न हो।
बड़े हादसे से पहले हो स्थायी व्यवस्था
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सड़क की तत्काल मरम्मत के साथ जल निकासी की बेहतर व्यवस्था की जाए, ताकि कर्मचारियों, मजदूरों और आम नागरिकों को सुरक्षित आवागमन मिल सके। लोगों का कहना है कि अस्थायी मरम्मत के बजाय स्थायी समाधान ही इस समस्या का सही हल है।

